₹10,000 करोड़ से ज्यादा की डील, फिर भी 10% टूटा $PERSISTENT ! Nagarro Acquisition पर बाजार क्यों हुआ निराश?
IT Sector की सबसे बड़ी Overseas Deals में से एक का ऐलान करने के बावजूद Persistent Systems के शेयरों में आज तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने Germany की Digital Engineering कंपनी Nagarro SE के अधिग्रहण की घोषणा की है। इस डील के बाद Combined Entity का Annual Revenue लगभग $2.9 Billion तक पहुंच जाएगा और कंपनी की Europe में मौजूदगी भी काफी मजबूत होगी। ##फिर शेयर गिरा क्यों? बाजार ने Deal की Strategic Value से ज्यादा उसके Cost पर ध्यान दिया। 1. Premium बहुत ज्यादा 2. Short-Term Margin Pressure 3. Execution सबसे बड़ी चुनौती ##Nifty IT पर भी बढ़ा दबाव, बाजार में दिखा Domino Effect Persistent Systems Nifty IT और Midcap IT Space का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में शेयर में आई तेज गिरावट का असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा। आज की बिकवाली के बाद: • Nifty IT Index पर दबाव बढ़ा • Midcap Technology Stocks में भी Profit Booking देखने को मिली • Investors ने पूरे IT Pack में Risk Exposure कम किया बाजार की चिंता सिर्फ Persistent तक सीमित नहीं है। इतनी बड़ी Acquisition के बाद निवेशक अब IT Sector में Valuation, Integration Risk और Capital Allocation को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि एक स्टॉक की गिरावट धीरे-धीरे पूरे Sector में Sentiment Pressure में बदलती दिखाई दी। ##Market Impact Persistent में आई तेज गिरावट ने Nifty IT पर नकारात्मक प्रभाव डाला, और IT Sector की कमजोरी का असर व्यापक बाजार के Sentiment पर भी देखने को मिला।

















