Puff of Growth: What's Ahead for India's Tobacco Giants (Hindi)
बाज़ार ओवरव्यू और ग्रोथ उम्मीदें सिगरेट सेगमेंट की रेवेन्यू ग्रोथ FY25 में सालाना 6–8% पर स्थिर रहने की उम्मीद है, क्योंकि टैक्सेशन स्टेबल है, कोविड के बाद वॉल्यूम रिकवर हो रहे हैं और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। Source: ICICI Securities रेगुलेटरी प्रेशर के बावजूद तंबाकू की खपत स्टेबल बनी हुई है, खासकर प्रीमियम और मिड-टियर कैटेगरी में, जिससे ITC जैसी कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश-फ्लो को सपोर्ट मिलता है। Source: HDFC Securities स्टेबल टैक्स रेजीम की वजह से इल्लीसिट सिगरेट ट्रेड थोड़ा घटा है, जिससे ऑर्गनाइज़्ड प्लेयर्स को मार्केट शेयर वापस पाने और वॉल्यूम बढ़ाने में मदद मिली है। Source: Business Standard मुख्य कंपनियों का परफ़ॉर्मेंस आउटलुक सबसे बड़ी लिस्टेड तंबाकू कंपनी ITC FY25 में 35–37% की EBITDA मार्जिन बनाए रख सकती है, क्योंकि कंपनी के पास स्ट्रॉन्ग प्राइसिंग पावर और ऑपरेटिंग लीवरेज है। Source: Motilal Oswal VST इंडस्ट्रीज़ और गॉडफ्रे फ़िलिप्स से मिड-सिंगल-डिजिट अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है, जिसे स्टेबल रूरल डिमांड और एफिशेंट कॉस्ट स्ट्रक्चर सपोर्ट करेगा। Source: Kotak Institutional Equities रेगुलेटरी और पॉलिसी सिचुएशन FY25 में GST या तंबाकू सेस में कोई बड़ा इज़ाफ़ा नहीं दिख रहा, जो सेक्टर के ऑपरेटिंग एनवायरमेंट को और स्टेबल रखेगा। Source: Economic Times हेल्थ वार्निंग्स और एंटी-स्मोकिंग कैंपेन चलते रहेंगे, लेकिन कोर कन्ज़म्प्शन चिपकी रहने से अर्निंग्स पर ज़्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। Source: Edelweiss Research स्टॉक मार्केट सेंटिमेंट और वैल्यूएशन ITC जैसे तंबाकू स्टॉक्स अपनी डिफेंसिव नेचर, 4–5% की हाई डिविडेंड यील्ड और स्ट्रॉन्ग कैश-फ़्लो की वजह से इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करते रहेंगे, खासकर वॉलेटाइल मार्केट में। Source: CNBC TV18 अगर ITC का FMCG डिमर्जर शेयरहोल्डर वैल्यू अनलॉक करता है तो वैल्यूएशन री-रेटिंग मुमकिन है, जिससे तंबाकू स्टॉक्स लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए और अट्रैक्टिव होंगे। Source: JM Financial ESG चिंताओं के बावजूद सिगरेट कंपनियों में इंस्टीट्यूशनल होल्डिंग स्टेबल बनी हुई है, जो लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर मार्केट कॉन्फ़िडेंस दिखाती है। Source: Moneycontrol

















