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Mohammed Shoaib

4th Jul 2025 · SEBI-Registered Analyst

क्या हुआ? (SEBI की अंतरिम कार्रवाई – 3 जुलाई 2025):

SEBI ने Jane Street और इसकी 4 सहयोगी कंपनियों को भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग से रोका है और ₹4,840 करोड़ (~$570 मिलियन) की "गैरकानूनी कमाई" फ्रीज़ की है। आरोप है कि उन्होंने हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग से Nifty और Bank Nifty को सुबह तेज़ी से खरीदकर और बाद में ऑप्शन्स के ज़रिए मुनाफा कमा कर मार्केट में हेरफेर की। Jan 2023 से Mar 2025 तक ₹36,500 करोड़ का नेट मुनाफा कमाया—सिर्फ ऑप्शन्स से ₹43,289 करोड़। 17 Jan 2024 को एक ही दिन में ₹735 करोड़ कमाए गए। Jane Street आरोपों से इनकार कर रही है और अपील करने वाली है। इसका असर आम निवेशकों पर: मार्केट में भरोसा बढ़ेगा: SEBI की सख्ती से फेयर ट्रेडिंग को बढ़ावा मिलेगा, खासकर डेरिवेटिव्स में। Expiry के दिन कम झटके: अब अचानक बड़ी चालें आने की संभावना थोड़ी कम हो सकती है। थोड़ी लिक्विडिटी घट सकती है: Jane Street के हटने से वॉल्यूम कम हो सकता है, जिससे स्प्रेड बढ़ सकते हैं। स्थानीय ब्रोकरों पर असर: Nuvama जैसी कंपनियों के शेयर ~7% गिर गए—जो इनसे जुड़ी हैं, उन्हें झटका लग सकता है। आप क्या कर सकते हैं: अपने F&O एक्सपोजर की जांच करें: Expiry के आसपास की पोज़िशन और रिस्क को थोड़ा एडजस्ट करें। SEBI की गाइडलाइंस पर नज़र रखें: नए रूल्स या लिमिट्स आ सकते हैं—उस हिसाब से तैयारी करें। डाइवर्सिफाई करें: सिर्फ ऑप्शन्स या फ्यूचर्स पर निर्भर न रहें—इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स को भी देखें। दूसरे ग्लोबल प्लेयर्स को ट्रैक करें: Jane Street की जगह Citadel या Optiver जैसे फर्म आ सकते हैं—इनकी हरकतों से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है। ब्रोकर अपडेट्स देखें: मार्जिन रूल्स या ट्रेडिंग लिमिट्स में बदलाव हो सकते हैं—तैयार रहें। अंत में: SEBI की ये कार्रवाई छोटे निवेशकों के हित में है। अभी थोड़ी सावधानी रखें—खासकर expiry के समय कम लिक्विडिटी और नए नियमों को लेकर। ✅ अपनी पोजिशन रिव्यू करें ✅ ब्रोकर से नए मार्जिन रूल्स पूछें ✅ SEBI के अगले कदम पर नज़र रखें ✅ ऑप्शन्स-से जुड़ी स्ट्रैटेजी और पार्टनर कंपनियों की रिस्क दोबारा जांचें

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