MDR पर लगा ‘ताला’! जानिए अब UPI पर कब तक नहीं लगेगा चार्ज
UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर! NPCI ने UPI ट्रांजैक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की योजना को दिवाली के बाद तक टाल दिया है।
इसका मतलब है कि UPI पर MDR लागू करने को लेकर फिलहाल कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि MDR किसे प्रभावित करता है और आम ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है।
1. MDR क्या होता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले मर्चेंट या दुकानदार से लिया जा सकता है।
अगर UPI पर MDR लागू होता है, तो इसका असर पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ सकता है—जिसमें दुकानदार, पेमेंट कंपनियां, बैंक और ग्राहक शामिल हैं।
2. अब क्या हुआ है?
NPCI के अनुसार, UPI पर MDR लागू करने की योजना को दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है।
---->₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
प्रस्तावित नियम के अनुसार, चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर ₹2,000 से अधिक की राशि के लिए 0.4% MDR लागू होना है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 बताई गई है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक किसी पात्र दुकानदार को ₹10,000 का UPI पेमेंट करता है, तो 0.4% के हिसाब से MDR ₹40 होगा।
ध्यान दें: यह शुल्क मर्चेंट पर लागू होने वाला प्रस्तावित शुल्क है, ग्राहक पर सीधे लगाया जाने वाला UPI चार्ज नहीं।
4. आम UPI यूजर्स के लिए राहत
व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर: मुफ्त रहेंगे, राशि चाहे जितनी हो।
₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट: मौजूदा घोषित ढांचे के तहत मुफ्त रहेंगे।
चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट: लागू होने पर MDR के दायरे में आ सकते हैं।
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